डिग्री का इंतज़ार क्यों? ये हैं होटल मैनेजमेंट में करियर बनाने के 4 नए नियम
  • By Admin
  • 23 Jan, 2026

डिग्री का इंतज़ार क्यों? ये हैं होटल मैनेजमेंट में करियर बनाने के 4 नए नियम

एक मेंटर के तौर पर, मैं हर रोज़ छात्रों से मिलता हूँ और उनके मन में एक ही चिंता देखता हूँ ,सालों की पढ़ाई और डिग्री पूरी करने के बाद भी क्या एक अच्छी नौकरी मिल पाएगी? क्या सिर्फ़ डिग्री से आज करियर बन रहा है? शायद नहीं। कुछ इंडस्ट्री, जैसे होटल मैनेजमेंट, कागज़ी क्वालिफिकेशन से ज़्यादा प्रैक्टिकल स्किल, अनुभव और व्यवहार को महत्व देती हैं। इसी पुरानी सोच को बदलने और छात्रों को पढ़ाई के साथ ही करियर की राह पर आगे बढ़ाने के लिए EFOS का RISE प्रोग्राम एक क्रांतिकारी समाधान लेकर आया है।


1. नौकरी 4 साल बाद नहीं, सिर्फ़ 15 दिनों की ट्रेनिंग के बाद

इसे इस तरह से सोचिए: आप अपने डिप्लोमा या ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान ही, सिर्फ़ 15 दिनों की शुरुआती ट्रेनिंग के बाद एक प्रतिष्ठित होटल में नौकरी का अवसर पा सकते हैं। यह उस पारंपरिक रास्ते से बिल्कुल अलग है, जहाँ छात्रों को नौकरी की तलाश शुरू करने के लिए सालों तक अपनी डिग्री खत्म होने का इंतज़ार करना पड़ता है। यह आपके लिए एक सुनहरा मौका है क्योंकि यह उस लंबे इंतज़ार और आर्थिक अनिश्चितता को खत्म कर देता है जिसका सामना आमतौर पर छात्र करते हैं।

“जहाँ सीखते-सीखते जेब भरे, वही असली शिक्षा है।”

2. आपका क्लासरूम कोई कमरा नहीं, एक असली होटल है

RISE प्रोग्राम सीखने की प्रक्रिया को थ्योरी वाले क्लासरूम से निकालकर एक असली होटल के कामकाजी माहौल में ले जाता है। यहाँ छात्र किताबी ज्ञान रटने के बजाय सीधे काम करके सीखते हैं। उन्हें होटल के अलग-अलग विभागों में हाथ आज़माने का मौका मिलता है, जैसे:

  • फ्रंट ऑफिस (Front Office)

  • हाउसकीपिंग (Housekeeping)

  • फूड & बेवरेज (Food & Beverage)

  • किचन / शेफ ट्रेनिंग (Kitchen / Chef Training)

यह तरीका पारंपरिक पढ़ाई से कहीं ज़्यादा असरदार है। इससे न केवल प्रैक्टिकल स्किल्स बनती हैं, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ता है। यह अनुभव भविष्य में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय होटल नौकरियों, दोनों के लिए बेहद कीमती साबित होता है, क्योंकि आप सिर्फ़ एक विभाग का काम नहीं, बल्कि पूरे होटल को एक सिस्टम की तरह चलाना सीखते हैं, जो आपको मैनेजमेंट भूमिकाओं के लिए तैयार करता है।

“अब क्लासरूम नहीं, होटल ही आपकी पाठशाला बनेगा।”

3. कमाई और अनुभव साथ-साथ, ताकि भविष्य हो सुरक्षित

यह प्रोग्राम "सीखो और कमाओ" (Learn & Earn) मॉडल पर आधारित है, जो छात्रों को शुरुआती दिनों से ही आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाता है। यह कोई खोखला वादा नहीं, बल्कि एक ठोस अवसर है। छात्रों को देश के कुछ बेहतरीन होटलों में काम करने का मौका मिलता है, जहाँ उन्हें यह सब मिलता है:

  • सेवन सीज़ होटल, दिल्ली: ₹10,000 स्टाइपेंड + भोजन

  • होटल डी बेला मोड, दिल्ली: ₹10,000 स्टाइपेंड + भोजन

  • राज महल पैलेस, ओरछा: ₹8,000 स्टाइपेंड + भोजन + रहना

  • पार्क इन बाय रेडिसन, सूरत: ₹10,000 स्टाइपेंड + भोजन + रहना

  • होटल शॉन एलिज़े, जबलपुर: पहले साल ₹12,000, दूसरे साल ₹13,000, और तीसरे साल ₹14,000 स्टाइपेंड + भोजन + रहना

  • द फर्न रेज़िडेंसी, महाराष्ट्र: पहले साल ₹10,000, दूसरे साल ₹11,000, और तीसरे साल ₹12,000 स्टाइपेंड + भोजन + रहना

आप देख सकते हैं कि कुछ होटल आपके अनुभव और लगन को सम्मान देते हुए हर साल आपका स्टाइपेंड भी बढ़ाते हैं। यह मॉडल सिर्फ़ पैसे कमाने के बारे में नहीं है; यह जीवन में जल्दी आत्मनिर्भरता और सम्मान हासिल करने के बारे में है, जो परिवार पर निर्भरता कम करता है और आपके भविष्य के लिए एक मज़बूत नींव आज ही रखता है।

4. आपका CV दौड़ रहा है, जबकि बाकी अभी शुरू कर रहे हैं

RISE प्रोग्राम में शामिल होकर एक छात्र अपनी ग्रेजुएशन पूरी होने से पहले ही अपने CV को असाधारण रूप से मज़बूत बना लेता है। जब आपके साथी इंटरव्यू में सिर्फ़ अपनी डिग्री के बारे में बात कर रहे होंगे, आप असल गेस्ट्स को हैंडल करने, टीम में काम करने और प्रेशर में परफ़ॉर्म करने के अपने अनुभव की कहानियाँ सुना रहे होंगे। यह आपको भीड़ से अलग करता है।

इस प्रोग्राम से छात्र के प्रोफाइल को मिलने वाली मुख्य ताक़त यह है:

  • पढ़ाई रुकती नहीं

  • कमाई शुरू हो जाती है

  • अनुभव मिलता है

  • आत्मविश्वास बढ़ता है

“जो आज अनुभव कमाता है, वही कल अवसर चुनता है।”

अब इंतज़ार नहीं, एक्शन का समय है

अब चुनाव आपके हाथ में है: आप या तो डिग्री खत्म होने का इंतज़ार कर सकते हैं, या फिर अभी एक्शन लेकर पढ़ाई के साथ-साथ अपना करियर बना सकते हैं। करियर का रास्ता इंतज़ार करने से नहीं, सही समय पर सही कदम उठाने से बनता है। RISE प्रोग्राम उन छात्रों के लिए है जो इंतज़ार करने में नहीं, बल्कि एक्शन लेने में विश्वास रखते हैं।

उठो, सीखो, कमाओ — यही है आज के छात्र की पहचान।